Published on: January 3, 2026

कानपुर — रक्षा सेवाओं के लिए फुटवियर की क्वालिटी बेहतर बनाने के लिए एक बड़े कदम के तहत ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) ने वैश्विक स्पोर्ट्सवियर लीडर एडिडास इंडिया मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड (एआईएमपीएल) के साथ आधिकारिक तौर पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू 02 जनवरी 2026 को हस्ताक्षरित किया गया, जिस पर वाइस एडमिरल रजत कपूर, कंट्रोलर ऑफ लॉजिस्टिक्स, भारतीय नौसेना और श्री सुनील दाते, सीएमडी/टीसीएल की मौजूदगी में टीसीएल की ओर से डॉ. अनिल रंगा, मुख्य महाप्रबंधक/ओईएफसी और एडिडास इंडिया मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से श्री विजय चौहान, महाप्रबंधक/एआईएमपीएल और श्री विवेक त्यागी, निदेशक (विधिक)/एआईएमपीएल ने हस्ताक्षर किए। । इस भागीदारी का उद्देश्य भारतीय नौसेना और पूरे डिफेंस सेक्टर के लिए हाईपरफॉर्मेंस फिजिकल ट्रेनिंग (पीटी) जूतों के विकास और उत्पादन में क्रांति लाना है।

विनिर्माण (मैनुफैक्चरिंग) में एक नया सीमांत

आयुध उपस्कर निर्माणी, कानपुर (ओईएफसी) टीसीएल की एक विशेषज्ञता प्राप्त इकाई है। यह लंबे समय से स्पेशलाइज़्ड बूट्स, जिसमें हाई एंकल रबर- PU सोल बूट्स और कॉम्बैट बूट्स शामिल हैं, की एक भरोसेमंद निर्माता रही है। चूँकि, निर्माणी अपने ग्राहक बेस का विस्तार करना चाहती है, अतः इसने उन्नत पीटी जूतों के विकास को अपने बिज़नेस के लिए एक महत्वपूर्ण “नये आयाम” के रूप में पहचान की है।

भारतीय नौसेना ने इन उन्नत जूतों हेतु पर्याप्त आवश्यकता के संकेत दिए हैं। आधुनिक एथलेटिक फुटवियर के लिए ज़रूरी तकनीकी विशेषज्ञता को मानते हुए, टीसीए ने इन प्रोडक्ट्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने हेतु एडिडास इंडिया को आदर्श भागीदार के रूप में चुना है।

राष्ट्रीय रक्षा के लिए विशेषज्ञता से जोड़ना

भारतीय नौसेना के पीटी जूतों के मौजूदा स्वरूप को विकसित करने में शानदार ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर इस सहयोग के लिए एडीडास इंडिया को चुना गया था। टीसीएल की स्वदेशी उत्पादन क्षमताओं को एडीडास के तकनीकी इनोवेशन के साथ जोड़कर इस भागीदारी का उद्देश्य ऐसे जूते बनाना है जो सैनिकों को बेहतरीन परफॉर्मेंस और आराम दें।एमओयू की शर्तों के तहत दोनों संगठन भौतिक और तकनीकी जांच के लिए पीटी शू सैंपल विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। इस साझा प्रयास का उद्देश्य तय समय-सीमा के अंदर सबसे अच्छी गुणवत्ता के जूते उपलब्ध कराना है

व्यापक असर

हालांकि इस पार्टनरशिप की शुरुआत भारतीय नौसेना की ज़रूरतों के कारण हुई थी, लेकिन इसका असर भारतीय सशस्त्र बलों की सभी शाखाओं तक पहुंचने की उम्मीद है। टीसीएल के अनुसार उच्च गुणवत्ता के पीटी जूतों की मांग निम्न तक विस्तारित है:

  • भारतीय थल सेना और वायु सेना, जिन्हें अपने अधिकारियों और सैनिकों के लिए टिकाऊ ट्रेनिंग गियर की ज़रूरत होती है।
  • गृह मंत्रालय (एमएचए) और विभिन्न राज्य पुलिस बल।
  • नागरिक बाज़ार, जिसमें जिम और फिटनेस गतिविधियों के लिए हाई-परफॉर्मेंस जूते चाहने वाले लोग शामिल हैं।

यह रणनीतिक गठबंधन टीसीएल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य भारत के रक्षकों को वैश्विक औद्योगिक लीडर्स के सामर्थ्य का प्रयोग करते हुए विश्व स्तरीय उपकरण देना है।